नासिक में महिला पुलिस का अंडरकवर ऑपरेशन TCS में यौन उत्पीड़न का बड़ा खुलासा

महाराष्ट्र के Nashik में यौन उत्पीड़न के एक गंभीर और चौंकाने वाले मामले का पर्दाफाश हुआ है। इस पूरे ऑपरेशन को सात महिला पुलिस अधिकारियों ने अंडरकवर तरीके से अंजाम दिया। इन अधिकारियों ने अपनी पहचान छिपाकर एक मल्टीनेशनल कंपनी Tata Consultancy Services में नौकरी की और वहां के माहौल को समझने की कोशिश की। जांच के दौरान उन्होंने मुख्य आरोपी को महिला कर्मचारियों के साथ गलत व्यवहार करते हुए रंगे हाथों पकड़ा। इसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस ऑपरेशन ने न केवल कंपनी के अंदर चल रहे कथित शोषण का खुलासा किया बल्कि कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
लंबे समय से चल रहा था उत्पीड़न और जांच में जुटी पुलिस
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस कंपनी में पिछले चार सालों से महिला कर्मचारियों के साथ यौन उत्पीड़न की घटनाएं सामने आ रही थीं। आरोप है कि मीटिंग के दौरान भी महिलाओं के साथ गलत व्यवहार किया जाता था और उनकी धार्मिक भावनाओं को भी ठेस पहुंचाई जाती थी। फिलहाल पुलिस इस मामले में 40 से अधिक सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है ताकि आरोपियों के खिलाफ ठोस सबूत इकट्ठा किए जा सकें। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह एक संगठित पैटर्न का हिस्सा हो सकता है जिसमें कई लोग शामिल थे। इस मामले ने कॉरपोरेट सेक्टर में कार्यस्थल की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कई आरोपियों पर केस दर्ज और कंपनी की कार्रवाई
अब तक इस मामले में छह लोगों के खिलाफ नौ अलग अलग मामले दर्ज किए गए हैं जिनमें एक टीम लीडर और मानव संसाधन विभाग का प्रतिनिधि भी शामिल है। शिकायत दर्ज कराने वाली महिलाओं की उम्र 18 से 25 वर्ष के बीच बताई जा रही है। मामले के सामने आते ही कंपनी ने सात कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है और एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि वह पुलिस जांच में पूरा सहयोग कर रही है। यह कदम कंपनी की छवि को बचाने के साथ साथ पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि अभी भी कई सवाल ऐसे हैं जिनका जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ पाएगा।
HR मैनेजर पर लापरवाही के आरोप और SIT की जांच
इस पूरे मामले में कंपनी की HR मैनेजर की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। आरोप है कि जब एक पीड़िता ने ईमेल के जरिए शिकायत दर्ज कराई तो उसे नजरअंदाज कर दिया गया। फिलहाल HR मैनेजर पुलिस रिमांड पर है और उससे पूछताछ की जा रही है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए नासिक पुलिस कमिश्नर Sandeep Karnik के निर्देश पर एक विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया गया है। पुलिस ने 26 मार्च से 3 अप्रैल के बीच अलग अलग चरणों में आठ FIR दर्ज की हैं। सूत्रों के अनुसार फरवरी से ही इस पूरे ऑपरेशन की गुप्त रूप से तैयारी की जा रही थी और करीब 40 दिनों तक लगातार निगरानी के बाद यह बड़ी कार्रवाई की गई।